कथालेख / अंक – 02 / फरवरी, 2023

वैलेंटाइन डे की सौगात!
वह वैलेंटाइन डे की शाम थी। प्यार करनेवाली जोड़ीयां अलग- अलग तरीकों से अपने प्यार का इजहार कर रहे थी, मज़े लूट रहे थे।
तभी ‘रति अस्पताल’ में फोन की घंटी बजी। पास बैठी युवती ने फोन उठाकर कहा,
“कहिए।आप को क्या चाहिए?”
” मुझे एम्बुलेंस चाहिए थी।”
“एम्बुलेंस? इस दिन को स्पेशल बनाने के लिए आप अपनी गर्लफ्रेंड को एंबुलेंस में घुमाने जा रहे हो….?”
“मैं मदन होटल से बोल रहा हूँ।आज के दिन हमने एक योजना बनाई है, जो कोई आज हमारे होटल में अपनी प्रेमिका के साथ आएगा, उसे तीस प्रतिशत छूट मिलेगी।”
“वाह! बहुत भीड़ हो गई होगी?”
“दूसरी बात जो कोई भी अपनी पत्नी के साथ आएगा, उसे पचास प्रतिशत छूट मिलेगी…”
“प्रेमिका के साथ तीस प्रतिशत और पत्नी के साथ पचास प्रतिशत यह तो प्रेमिका के साथ अन्याय है। जो अविवाहित हैं, उसे कोई विशेष छूट?”
“अगर ऐसे अविवाहित युवक -युवती हमारे होटल में आते हैं, तो होटल उन्हें आज के लिए अपना साथी चुनने का मौका देगा और उन्हें तीस प्रतिशत की छूट भी मिलेगी।”
“ऐसी जोडी बनाने का मतलब है, खाओ पिओ, ऐश करो, मजे ले लो और भाग जाओ…”
“नहीं। ऐसे अविवाहित लड़के और लड़कियों को एक साथ बैठकर खाने, बातें करने का मौका मिले, तो ये कुछ पल उन्हें शादी के लिए प्रोत्साहित कर सकते हैं।”
“सही है। यदि कोई आपकी योजना का लाभ लेने के लिए अपने प्रेमिका को अपनी पत्नी के साथ लाता है तो?”
“जो कोई प्रेमिका और पत्नी दोनों को साथ लेकर हमारे होटल में आएगा उसे नब्बे प्रतिशत छूट मिलेगी।”
“अरे, व्वा! सुबह से अभी तक ऐसा त्रिकोणीय सामना हुआ है? कोई अपनी पत्नी और प्रेमिका के साथ आया?”
“पति-पत्नी और प्रेमिका की दो जोड़ीयां आई थी।”
“क्या कहते हो?”
“हां। लेकिन एक जोड़ी को दोगुना जुर्माना लगाकर उन्हें बाहर कर दिया।”
“क्यों?”
“योजना का फायदा उठाने के लिए एक महाशय अपनी पत्नी के साथ प्रेमिका नहीं बल्कि साली को लाएं थी…।”
“साली प्रेमिका के रुप में? रिश्ते का यह राज सामने कैसे आया?”
“छूट पाने वालों को हम एक फॉर्म दे रहे हैं। इसमें तीनों का नाम, उम्र और संबंध लिखना है। इस सज्जन ने ‘साली’ के बजाय ‘गर्लफ्रेंड’ लिखा। उन तीनों में बहुत हंसी मजाक चल रहा था। साली बड़े माशुकाना अंदाज में ‘जिज्जू, जिजाजी..’ ऐसे पुकार रही थी और बहन को ‘दीदी…’ कह रही थी। वह आदमी ‘सालीजी… सालीसाहिबा’ ऐसे पुकार रहा था। उनकी यह बातें हमारे कर्मचारियों ने सुनी। उन्होंने यह सब होटल के व्यवस्थापक को बताया। अपना झूठ पकडा गया यह देखकर वे तीनों हाथ जोड़कर माफी मांगने लगे। लेकिन उन्होंने झूठ बोला था। इसलिए उन पर दोगुना जुर्माना लगाया गया…”
“उन्होंने जुर्माना भरा?”
“नहीं भरते थे तो पुलिस को सौंप देते।”
“अच्छा! दूसरे मैच में क्या हुआ?”
“वह अपनी पत्नी और प्रेमिका के साथ आया था।”
“एक म्यान में दो तलवारें? वे दोनों महिलाओं ने योजना का फायदा लेने के लिए एक-दूसरे की उपस्थिति को स्वीकार किया?”
“उस ने उन्हें एक-दूसरे के साथ के रिश्ते नहीं बताएं थे। अपनी पत्नी के सामने अपना प्यार कबूल करें और अपनी प्रेमिका को पत्नी से मिलाएं। इस विचार के साथ‌ अपने घर से निकलते समय उसने अपनी पत्नी से कहा,
“मेरे कार्यालय में एक लड़की है। वह यहां अकेली रहती है। वह हमारे साथ खाना खाने आ रही है। मैं आगे जाता हूँ। तुम तैयार होकर होटल में आओ।”
वह अपनी प्रेमिका के साथ होटल मे आया। ‘थोड़ी देर में पत्नी आ रही है।’ यह बताकर अपनी प्रेमिका के साथ कोने में टेबल पर बैठ गया। दोनों बातें करने लगे। जबकि वह अपनी प्रेमिका को अपनी पत्नी के बारे में बताने की तैयारी कर रहा था, तभी उसकी पत्नी पहूंच गई। उसे अपने पति पर पहले से ही शक था, इसलिए वह जल्दी चली आई।…”
“सुनने में बड़ा मजा आ रहा है। फिर?”
“पत्नी होटल पहुंची। काउंटर पर अपने पति के बारे में पूछ कर वह मेज की ओर निकली। दूर से वहां का दृश्य देखकर वह आगबबूला हो उठी। पति एक सुंदर लड़की का हाथ पकड़ कर कोल्ड ड्रिंक की बोतल में दो नली डालकर बडा आनंद ले रहा था। यह देख पत्नी का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। आँखें गुस्से से जल रही थीं। जैसे ही पति का ध्यान उसकी ओर गया, वह भयभीत हो गया। होटल के वातानुकूलित वातावरण में उसका चेहरा पसीने से तर हो गया। उन दोनों की अवस्था देखकर प्रेमिका असल बात समझ गई। वह भी गुस्से से लाल पीली हो गई। पत्नी ने पड़ोस की मेज से एक फूलदान उठाया और उसे सीधे पति के सिर पर दे मारा। पति अपना सिर पकड़ कर बैठ गया, दर्द से कराह रहा था, तभी क्रोधित प्रेमिका ने बगल से पानी से भरा गिलास उठाया और प्रेमी के सिर पर प्रहार किया। दोनों महिलाएं खून से लथपथ युवक को छोड़कर चली गई। कहीं भी एम्बुलेंस उपलब्ध नहीं है। इसलिए रति अस्पताल में फोन किया।”
“रति अस्पताल में तीन एम्बुलेंस हैं। तीन ड्राइवर भी हैं। लेकिन एक ड्राइवर की हाल ही में शादी हुई है। वह और उसकी पत्नी हनीमून के लिए गए हैं… एम्बुलेंस लेकर…”
“हनीमून मनाने के लिए एम्बुलेंस?”
“रति अस्पताल की ऐसी परंपरा है। रति अस्पताल कर्मचारी के शादी के बाद हनीमून के लिए एम्बुलेंस देता है…”
“तीन एम्बुलेंस है ना?”
“दूसरा ड्राइवर गंभीर रूप से बीमार है, अस्पताल में भर्ती है।”
“तीसरा ड्राइवर?”
“बात ऐसी है,आज वेलेंटाइन डे है, इसलिए … हम दोनों.. मेरा … मतलब ड्राइवर और मैं आज रात नौ बजे मिल रहे हैं, प्यार का इजहार करने वाले हैं। वह आगे गया है। मैं भी निकलने की सोच रही थी तभी आपका फोन आया। एक बात बताइए ना, आपने उन के नाम एक फॉर्म पर लिखें है… वह.. जो घायल है, उसका नाम बता सकते हैं?…”
“एक मिनट… हां… सुशीलकुमार खाता…।”
“सुशील? खाता? यह क्या हुआ? मैं बर्बाद हुई। मैं किसी को भी चेहरा दिखाने लायक नहीं रही।”
“क्या हुआ?”
“क्या बताऊं? आपके होटल में घायल पड़े सुशील ने हम दोनों प्रेमिकाओं के साथ पत्नी को भी धोखा दिया है। मैं उसके बच्चे की माँ बनने वाली हूं…” कहतें कहतें युवती के हाथों से रिसिवर गिर गया….
००००
नागेश सू. शेवाळकर,
फ्लॅट नं. B 304,
प्रिस्टीन प्रोनेक्स्ट,
पिंक सिटी रोड,
वाकड, पुणे 411057
📱9423139071.

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